← All articles

Azmat-e-Mustafa Sal Lal Lahu Alaihi Wa Sallam

कअ़्बा और अ़र्श से भी अफ़्ज़ल

By Muhammad Qasimul Qadri · October 5, 2026

इमाम मुनावी शाफ़िई़ (d. 1031 हि.) लिखते हैं:

“البقعة التى ضمت أعضاء الرسول صلى الله عليه وسلم فهى أفضل حتى من الكعبة”،

“[आक़ा (ﷺ 💚️) की क़ब्र का] वो हिस्सा, जो आक़ा (ﷺ 💚) के जिस्मे मुबारक से मिला हुआ है, वो (ज़मीन के तमाम हिस्सों से) अफ़्ज़ल है, यहां तक कि कअ़बा से भी.”

📙फ़ैज़ुल् क़दीर शरह़ुल् जामिइ़स़् स़ग़ीर, जिल्द न. 6, पेज न. 264, ह़दीस न. 9185, पब्लिकेशन: दारुल् मअ़रिफ़ह (बेरूत), दूसरा एडीशन, 1391 हि. / 1972 ई.

इमाम अ़ली इब्ने सुल्त़ान, उर्फ़ मुल्ला अ़ली क़ारी (d. 1014 हि.) लिखते हैं:

“البقعة التي ضمت أعضاءه عليه الصلاة والسلام فإنها أفضل من مكة، بل من العرش إجماعا”،

“(क़ब्र का) वो हिस्सा जो आक़ा (ﷺ 💚) के जिस्म से मिला हुआ है, वो मक्कह से, बल्कि अ़र्श से भी अफ़्ज़ल है, इज्माई़ त़ौर पर.”

📙मिरक़ातुल् मफ़ातीह़ शरह़ु मिश्कातिल् मस़ाबीह़, जिल्द न. 5, पेज न. 612, ह़दीस न. 2725, पब्लिकेशन: दारुल् कुतुबिल् इ़ल्मिय्यह (बेरूत), नया एडीशन